CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025 में बड़ा बदलाव: अब साल में दो मौके, लेकिन एक शर्त के साथ!
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2025 से 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब छात्रों को एक नहीं बल्कि साल में दो बार बोर्ड परीक्षा देने का मौका मिलेगा। पहली परीक्षा फरवरी में आयोजित की जाएगी और दूसरी मई में। इसका उद्देश्य छात्रों को अधिक अवसर देना है ताकि वे कम अंकों को सुधार सकें या अपनी तैयारी के अनुसार बेहतर प्रदर्शन कर सकें। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत लचीलापन बढ़ाने और परीक्षा के तनाव को कम करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
इस नई व्यवस्था के तहत, अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में सभी विषयों में पास हो जाता है लेकिन किसी एक या दो विषयों में कम अंक आते हैं, तो वह मई में आयोजित होने वाली दूसरी परीक्षा में उन्हीं विषयों को दोबारा देकर अपने अंक सुधार सकता है। यह विकल्प उन छात्रों के लिए बेहद उपयोगी होगा जो अपनी आगे की पढ़ाई में अच्छे अंकों की आवश्यकता महसूस करते हैं, जैसे कि साइंस या कॉमर्स स्ट्रीम में प्रवेश लेना चाहते हैं। इससे उन्हें अगला शैक्षणिक वर्ष खराब किए बिना बेहतर स्कोर प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
हालांकि, इस सुविधा के साथ एक कड़ा नियम भी जोड़ा गया है। यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण (फेल) हो जाता है, तो उसे मई में होने वाली दूसरी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं मिलेगी। ऐसे छात्र को अगले साल बोर्ड परीक्षा दोबारा देनी होगी। यानी, दो मौके होने के बावजूद छात्रों को पहली परीक्षा को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह नया नियम छात्रों को जिम्मेदारी से पढ़ाई करने और समय पर तैयारी पूरी करने के लिए प्रेरित करेगा। बोर्ड का मानना है कि इससे न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि छात्रों में अनुशासन और योजना बनाकर पढ़ाई करने की आदत भी विकसित होगी।


0 Comments